Kavita Jha

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किस्मत # लेखनी दैनिक कविता प्रतियोगिता-01-Sep-2023

किस्मत


किस्मत को अपनी दोष न दो,
मेहनत से कभी मन तुम घबराओ,धर 
खुद पर विश्वास बनाए रखो,
कर्तव्य मार्ग पर चलते जाओ।

किस्मत उनका ही देती है साथ,
जो हिलाते डुलाते अपने पैर हाथ,
अपने कामों को करते हैं वक्त पर,
उनके साथ रहते हैं हरदम नित।

बदलने चले आए किस्मत को हम,
बदलकर ही लेंगे अब हम तो दम,
अपनी मेहनत पर है विश्वास हमको,
लहराएंगे हम तो इक दिन परचम।

किस्मत की लकीरें खुद खींचेंगे,
ग़लत काम नहीं कभी हम करेंगे,
तब ही देखो अपनी मंजिल पाएंगे,
गीत खुशी के हम हरदम गाएंगे।

कविता झा'काव्य'अविका
रांची झारखंड
#लेखनी
# लेखनी दैनिक काव्य प्रतियोगिता 

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